पूजा की दूसरी शुरुआत
पूजा एक मेहनती छात्रा थी, लेकिन पहली बार बोर्ड परीक्षा में असफल हो गई। यह उसके लिए बहुत बड़ा झटका था। वह रोती रही और खुद को दोष देने लगी। कुछ लोग उसे ताने देने लगे, जिससे उसका मन और टूट गया।

उसकी माँ ने उसे समझाया, “असफलता अंत नहीं, नई शुरुआत होती है।” पूजा ने ठान लिया कि वह हार नहीं मानेगी। उसने अपनी गलतियों को समझा और नया अध्ययन-योजना बनाई। उसने रोज़ नियमित पढ़ाई शुरू की और कठिन विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया।
पूजा ने मोबाइल से दूरी बनाई और रोज़ रिवीजन किया। जब भी निराश होती, वह अपने लक्ष्य को याद करती। धीरे-धीरे उसकी तैयारी मजबूत होने लगी। आत्मविश्वास वापस आ गया।
दूसरी बार परीक्षा में पूजा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और टॉप रैंक हासिल की। उसकी असफलता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।
सीख: असफलता से हार नहीं, सीख लेनी चाहिए।














