सीमा और समय की ताकत
सीमा एक छोटी सी नगर की लड़की थी। वह पढ़ाई में कभी ज्यादा मेहनत नहीं करती थी। सुबह देर से उठती, मोबाइल और टीवी में घंटों समय बिताती और होमवर्क भी अधूरा छोड़ देती। उसके माता-पिता उसकी स्थिति से परेशान थे, लेकिन सीमा अपने आलस्य को छोड़ने को तैयार नहीं थी। स्कूल में भी उसके अंक लगातार गिरते जा रहे थे। उसके शिक्षक और दोस्त उसे बार-बार समझाते, लेकिन वह सुनती नहीं थी।


एक दिन कक्षा में शिक्षक ने छात्रों को समय के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “समय की कीमत समझो, क्योंकि समय किसी का इंतजार नहीं करता। जो समय का सही उपयोग करता है, वही जीवन में सफल होता है।” यह बात सीमा के दिल में घर कर गई। उसने सोचा, “अगर मैं समय का सही इस्तेमाल करूँ, तो मैं भी अपने लक्ष्य तक पहुँच सकती हूँ।”

सीमा ने अगले दिन से अपने जीवन में बदलाव करना शुरू किया। उसने सुबह जल्दी उठने का नियम बनाया और टाइम-टेबल बनाया। हर विषय के लिए समय निर्धारित किया और उसका पालन करने लगी। उसने टीवी और मोबाइल पर समय घटा दिया। होमवर्क समय पर करने लगी और रात को पढ़ाई का दोहराव करती। शुरू में उसे कठिनाई हुई। गणित और विज्ञान के सवाल समझने में परेशानी आई। कभी-कभी वह थककर बैठ जाती, लेकिन उसने हार नहीं मानी।

धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाने लगी। उसकी समझ मजबूत हुई और वह पाठ्यक्रम के हर विषय में आत्मविश्वासी बन गई। परीक्षा का दिन आया। सीमा ने पूरे आत्मविश्वास और मेहनत से उत्तर लिखे। परिणाम घोषित हुआ, तो वह कक्षा में टॉप 3 में शामिल थी। शिक्षक, माता-पिता और उसके दोस्त उसकी सफलता देखकर खुश हुए।

सीमा ने महसूस किया कि अगर वह पहले ही समय का सही उपयोग करती, तो शायद उसे इतना संघर्ष नहीं करना पड़ता। उसने ठान लिया कि अब से वह हर दिन अनुशासन और मेहनत से पढ़ाई करेगी। उसकी कहानी हमें सिखाती है कि समय का सही उपयोग करना और नियमित प्रयास करना सफलता की कुंजी है।
सीख: समय का सही प्रबंधन और अनुशासन से कोई भी छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है।













